रवि मौर्य
अयोध्या। रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जो दोपहर तक लगातार जारी रहा। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर पूरे धाम में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
सुबह होते ही श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में राम जन्म के प्रतीकात्मक आयोजन के दौरान भव्य सजावट और धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
दोपहर ठीक 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का शुभ मुहूर्त हुआ, श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर व कनक भवन में उल्लास चरम पर पहुंच गया। प्रभु श्रीराम के प्रतीकात्मक जन्म के साथ ही श्रीराम मंदिर के मुख्य द्वार पर संतों द्वारा श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। जन्म के उपरांत रामलला की विधि-विधान से आरती उतारी गई, वहीं अभिषेक से पूर्व पंचामृत से स्नान कराया गया।
राम जन्म के इस पावन क्षण को मनाने के लिए श्रद्धालुओं ने पटाखे जलाकर अपनी खुशी जाहिर की। पूरे अयोध्या में “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजते रहे।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। एडीजी ज़ोन लखनऊ प्रवीण कुमार सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कमिश्नर राजेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर लगातार व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते नजर आए।
26 मार्च को ही लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया था, जो रामनवमी के दिन भी जारी रहा। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस वर्ष रामनवमी पर्व को ऐतिहासिक बना दिया।


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