बाबासाहेब का संघर्षमय जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत: जिलाधिकारी
अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या।जनपद में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिरुद्ध प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय, सीआरओ गजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी भूलेख कौशल कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर न केवल एक महान विधिवेत्ता थे, बल्कि वे प्रख्यात अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, दार्शनिक एवं बहुभाषाविद भी थे। उनका जीवन संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और स्वयं उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में भारत का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज से अस्पृश्यता जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया तथा “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश देकर समाज को जागरूक किया। संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारत को एक मजबूत एवं समतामूलक संविधान प्रदान किया, जिससे सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हुए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने कहा कि बाबा साहब का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण, श्रमिक अधिकारों एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक कार्य किए।
अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। हमें उनके सिद्धांतों पर निरंतर चिंतन एवं अमल करना चाहिए।
अपर जिलाधिकारी भूलेख कौशल कुमार ने कहा कि बाबा साहब ने समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान हेतु कार्य किया तथा समानता और न्याय की नींव को मजबूत किया।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर शीतल वर्मा द्वारा बाबा साहब की जयंती पर एक भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक प्रेरणादायक हो गया।
अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने तथा उनके सपनों के भारत के निर्माण हेतु संकल्प लिया।

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