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महिला अस्पताल बना दलालों का अड्डा, मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भेजने का खेल

मोटी रकम के लालच में स्वास्थ्य से खिलवाड़

रिपोर्ट रवि मौर्य 

अयोध्या। जिला महिला चिकित्सालय में दलालों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अस्पताल परिसर में खुलेआम घूम रहे दलाल मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों की ओर भेज रहे हैं, जहां उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

इस पूरे मामले पर जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विभा सिन्हा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की अधिक भीड़ के कारण दलालों की पहचान कर पाना कठिन है। हालांकि, उन्होंने जल्द ही परिसर में जागरूकता पोस्टर लगाने की बात कही।


प्राइवेट अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत की घटना ने खोली पोल



विगत माह एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें शहर के महताब बाग बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी सोनी को 31 मार्च को प्रसव पीड़ा के चलते जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।

बताया जाता है कि रात के समय परिजन दलालों के झांसे में आ गए और मरीज को अस्पताल के सामने स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहां उचित चिकित्सकीय व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में लापरवाहीपूर्वक प्रसव कराया गया, जिसके चलते कुछ ही समय में जच्चा और नवजात की मौत हो गई।


सूत्रों के अनुसार, सुबह से लेकर देर रात तक अस्पताल परिसर में दलाल सक्रिय रहते हैं। कुछ दलाल खुद को आशा बहू बताकर मरीजों का भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें अपने संपर्क वाले निजी अस्पतालों में भेज देते हैं।

ओपीडी से ही शुरू हो जाता है दलाली का खेल

बाहर की दवाएं लिखवाकर कमीशनखोरी

अल्ट्रासाउंड में समय से पहले के लिए पैसे की मांग

छुट्टी और रात के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं दलाल

दूर-दराज से आने वाली ग्रामीण महिलाएं जागरूकता के अभाव में आसानी से इनका शिकार बन जाती हैं।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद अस्पताल प्रशासन की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है।

समाजसेवी राजेश सिंह ने कहा कि अस्पताल में सभी सदस्यों का ड्रेस व आई कार्ड को अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।

जच्चा-बच्चा मौत प्रकरण पर पीड़ित के घर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने आशाओं एवं अस्पताल की व्यवस्था पर  सवाल खड़ा किया था श्री पाण्डेय ने आशाओं पर दलाली करने की बात कही थी। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

जिला महिला चिकित्सालय में व्याप्त दलाली प्रथा न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की साख को धूमिल कर रही है, बल्कि मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। आवश्यकता है कि प्रशासन इस पर तत्काल सख्त कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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