अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ आर पी सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, खंडपीठ लखनऊ में दायर जनहित याचिका संख्या–15385/2021 में उच्च न्यायालय द्वारा वाहनों में प्रयोग किए जा रहे मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर एवं सायरन एवं प्रेशर/मल्टीटोंड हॉर्न के प्रयोग होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए ऐसी वाहनों तथा मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर एवं सायरन एवं प्रेशर/मल्टीटोंड हॉर्न की बिक्री करने वाले दुकानदारों/शोरूम मालिकों तथा इनको लगानेवाले गैराजों एवं वर्कशॉपों के विरुद्ध पुलिस एवं परिवहन विभाग को कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में परिवहन विभाग द्वारा यातायात पुलिस के सहयोग से दिनांक 18 अप्रैल, 2026 से प्रभावी अभियान चलाए जा रहा है। इस दौरान प्रवर्तन कार्यवाही के साथ ही जन जागरूकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है। प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान 17 एवं 18 तारीख को मोडिफाइड साइलेंसर युक्त 12 वाहनों का चालान किया गया है। इनमें अधिकांश वाहन बुलेट मोटरसाइकिल हैं। इसी के साथ सहादतगंज स्थित वाहनों के स्पेयर पार्ट्स बेचने वाली दुकानों के प्रोप्राइटर को मोटर वाहन अधिनियम के प्राविधानों से अवगत कराते हुए पत्र प्राप्त कराया गया तथा दिनांक 20.04.2026 को आर0टी0ओ0 कार्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित बैठक में उपस्थित होने के लिए भी निर्देशित किया गया। परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्यवाही के साथ ही जन जागरूकता के तहत चिह्नित प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग भी लगाई जा रही है तथा पैंफलेट के माध्यम से भी प्रचार प्रसार की तैयारी की जा रही है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा, 182A(3) के तहत मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर, साइलेंसर एवं मल्टीटोंड हॉर्न की बिक्री करने वाले एवं लगाने वाले गैराजों/वर्कशॉप के प्रोप्राइटर को अधिकतम 01 वर्ष के कारावास अथवा रु 1 लाख का अर्थदंड आरोपित करने का प्रावधान है। इसी प्रकार मोडिफाइड साइलेंसर को लगवाने वाले वाहन स्वामी को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 182A(4) के तहत रु 5000(पांच हजार रुपए) तथा मोटर वाहन के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण फैलाने के अभियोग में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत रु 10000 (दस हजार रुपए) अर्थदंड आरोपित करने का प्रावधान है।
समस्त वाहन स्वामियों, स्पेयर पार्ट्स विक्रेताओं, गैराजों एवं वर्कशॉपों से परिवहन विभाग अपेक्षा करता है कि उच्च न्यायालय के आदेशों एवं मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए अनाधिकृत रूप से मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर, सायरन एवं मल्टीटोंड हॉर्न न तो बिक्री करें, न ही वाहनों में लगाएं और न ही ऐसी वाहन का संचालन करें।


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