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पेट पालने के लिए पुराने विकल्पों का सहारा लेने को मजबूर लोग

गैस संकट के बीच कोयला भट्ठी, डीजल स्टोव और घरेलू सिलेंडर से चल रहा रोजगार

अयोध्या से रवि मौर्य

अयोध्या। शहर में लगातार बनी गैस किल्लत ने छोटे व्यापारियों और रोज कमाकर खाने वाले दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चाय, पकौड़ा, नाश्ता और खानपान का छोटा कारोबार करने वाले तमाम दुकानदार अब पेट पालने के लिए पुराने संसाधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं। जहां कुछ दुकानदारों ने कोयले की भट्ठी फिर से जला ली है, वहीं कई लोग डीजल स्टोव और घरेलू गैस सिलेंडर के सहारे किसी तरह अपना रोजगार चला रहे हैं।

गैस की समय पर आपूर्ति न होने और व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के चलते छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि व्यवसायिक गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है, और यदि कहीं मिल भी रहा है तो ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। मजबूरी में कुछ लोग ब्लैक में दोगुने-तिगुने दाम देकर सिलेंडर खरीद रहे हैं।

वहीं कुछ बड़े दुकानदारों पर घरेलू गैस सिलेंडर खरीदकर उसे व्यवसायिक सिलेंडर में रिफिलिंग कर उपयोग करने के आरोप भी लग रहे हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को भी गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है।

बस स्टेशन अयोध्या कैंट पर चाय विक्रेता दीपू ने बताया कि गैस न मिलने से दुकान चलाना मुश्किल हो गया था। पहले उन्होंने कोयले की भट्ठी का सहारा लिया, लेकिन बस स्टेशन पर यात्रियों को जल्दी सेवा चाहिए होती है, जिससे बिक्री प्रभावित होने लगी। बाद में उन्होंने घर में रखा पुराना केरोसिन स्टोव निकाला और उसे डीजल से चलाना शुरू किया। अब धीरे-धीरे दुकानदारी फिर पटरी पर लौट रही है।

इसी तरह बस स्टेशन पर चाय-ब्रेड बेचने वाले मोहब्बत अली ने बताया कि गैस की किल्लत के कारण उन्हें कुछ समय के लिए दुकान बंद करनी पड़ी थी। लगातार समस्या को देखते हुए उन्होंने कोयले की भट्ठी बनवाई और दोबारा दुकान शुरू की। अब ग्राहक भट्ठी पर बनी चाय का स्वाद पसंद कर रहे हैं और उनकी दुकानदारी फिर से चल निकली है।

शहर के कई छोटे व्यापारी बताते हैं कि गैस संकट ने उन्हें वर्षों पुराने साधनों की जहां याद दिला दी है वहीं कोयला से निकलने वाले धुंआ से प्रदूषण एवं स्वास्थ्य पर खतरा  बन गया है।

आधुनिक सुविधाओं के दौर में लोग फिर से कोयला, स्टोव और देसी इंतजामों पर लौटने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

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