Skip to main content

भाजपा का फोकस बूथ समिति सत्यापन पर, 8 मई तक पूरा करने का लक्ष्य

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या । भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे बूथ समिति सत्यापन अभियान के तहत करियप्पा, देवकाली, की बैठकें सिविल लाइन पार्टी कार्यालय में आयोजित की गईं। अयोध्या मंडल की बैठक अशर्फी  भवन चौराहे के निकट एक सभागार व पूरा मंडल की बैठक ब्लाक सभागार में हुई। बैठकों में अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

अयोध्या मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि बूथ समिति का भौतिक सत्यापन संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बूथ समिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शक्ति केंद्र स्तर पर बूथ अध्यक्षों की बैठक आयोजित की जाएगी और प्रत्येक बूथ पर समिति के साथ बैठक कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी कारणवश निष्क्रिय पदाधिकारियों की सूची तैयार की जाए और उनसे संपर्क कर उन्हें सक्रिय किया जाए।

उन्होंने कहा कि शक्ति केंद्र के पदाधिकारी लगातार बूथ समितियों के संपर्क में रहें और अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं। महानगर अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को 8 मई तक बूथ समिति सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

विभिन्न मंडलों की बैठकों में उपाध्यक्ष तिलकराम मौर्या, अरविन्द सिंह, हरभजन गौड, महामंत्री शैलेन्द्र कोरी, परमानंद मिश्र, शिवेन्द्र सिंह, शिवम्द शुक्ला, राम प्रीत वर्मा, मंडल अध्यक्ष कपिल देव वर्मा, हेमंत जायसवाल, मुकेश तिवारी, दिव्य प्रकाश तिवारी, राम प्रीत वर्मा, स्वपनिल श्रीवास्तव, शशि प्रताप सिंह, आशा गौड, जय प्रकाश श्रीवास्तव, सचिन सरीन, चंदन कसेरा, सहित शक्ति केंद्र संयोजक और बूथ अध्यक्ष उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

“अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी: उजड़ने की कगार पर संजय कॉलोनी भाटी माइंस”

जितेंद्र कुशवाहा दिल्ली के दक्षिणी इलाके में स्थित संजय कॉलोनी भाटी माइंस के लोग आज भी अपने अधिकार और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह वही कॉलोनी है, जिसे वर्ष 1976 में दिल्ली सरकार ने विधिवत बसाया था और यहां के निवासियों को पट्टे भी दिए गए थे। उस समय ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया था कि अब उन्हें एक स्थायी ठिकाना मिल गया है। लोग गांव से आए, मजदूरी की, और जीवनभर की कमाई लगाकर ईंट-पत्थर से अपने आशियाने खड़े किए। लेकिन 1991 में अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी ने यहां के निवासियों की जिंदगी को अंधकार में धकेल दिया। अधिकारियों की एक गलत रिपोर्ट और अदूरदर्शी निर्णय के कारण पूरी कॉलोनी को रिज क्षेत्र (संरक्षित वन क्षेत्र) घोषित कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि 15 साल पहले जिन घरों को कानूनी मान्यता दी गई थी, वे अचानक “अवैध” हो गए। आज हालात यह हैं कि सरकार और प्रशासन उन्हीं घरों को तोड़ने पर आमादा है, जिन पर लोगों ने अपना खून-पसीना बहाकर जीवन की पूंजी लगा दी थी। इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए नव युवक ग्राम विकास समिति के सदस्य एवं ‘संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन’ के संस्थापक समाज...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...