अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या। गुप्तारघाट से राजघाट तक प्रस्तावित लगभग 9 किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ निर्माण परियोजना की जद में आने वाले जमथरा माझा क्षेत्र के करीब 250 निषाद परिवारों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। निषाद समुदाय की सैकड़ों महिलाएं और पुरुष जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम शशांक त्रिपाठी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई।
निषाद समाज के प्रतिनिधि संतोष निषाद के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने मांग की कि प्रशासन पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करे, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन कर रहे परिवारों का कहना है कि वे पिछले 60 से 70 वर्षों से सरयू नदी किनारे निवास कर रहे हैं और अब तक उन्हें न तो वैकल्पिक जमीन दी गई है और न ही आवास की कोई व्यवस्था की गई है।
महिलाओं ने जिलाधिकारी के सामने अपने आशियाने उजड़ने की आशंका और भविष्य को लेकर चिंता जताई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
विकास परियोजना के बीच अब अयोध्या में विस्थापन और मानवीय संकट का मुद्दा भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। इस दौरान संतोष निषाद, श्याम लाल निषाद, अमरजीत निषाद, कुश निषाद, आकाश निषाद, हेमंत निषाद, रोहित प्रधान सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग मौजूद रहे।

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