पांच दर्जन युवाओं ने निभाई भागीदारी
अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या।सेवा, समर्पण और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए ‘ब्लड मैन’ के नाम से विख्यात डॉ. आशीष पांडेय 'दीपू' ने अपने जन्मदिन को जनसेवा के महापर्व में बदल दिया। रीडगंज स्थित कोहिनूर पैलेस में आयोजित भव्य रक्तदान शिविर में उन्होंने 52वीं बार रक्तदान कर समाज को प्रेरणा दी। उनके इस प्रेरणादायक कदम से प्रभावित होकर करीब 60 लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें बड़ी संख्या में युवा पहली बार इस महादान से जुड़े।
दंपति ने दिया एकता और सेवा का संदेश
इस अवसर पर डॉ. आशीष पांडेय 'दीपू' ने सभी को मजदूर दिवस, गुरु पर्व बुद्ध पूर्णिमा व अपने जन्मदिवस की बधाई दी।
डॉ. आशीष ने अपनी पत्नी शालिनी पांडेय के साथ रक्तदान कर समाज को एक मजबूत संदेश दिया कि सेवा के कार्यों में परिवार की भागीदारी से जागरूकता और प्रेरणा दोनों बढ़ती हैं। दंपति को एक साथ रक्तदान करते देख युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
डॉ. दीपू ने कहा, “रक्तदान सबसे बड़ा दान है। यह सिर्फ जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है।”
70 पंजीकरण, 60 सफल रक्तदान
शिविर में कुल 70 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 60 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। पूरे आयोजन का संचालन जिला अस्पताल की टीम ने काउंसलर ममता खत्री के संयोजन में किया।
ब्लड बैंक प्रभारी मोहम्मद शादिक और डॉ. विष्णु पांडेय की देखरेख में सभी चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। प्रत्येक रक्तदाता की गहन जांच के बाद सुरक्षित प्रक्रिया के तहत रक्तदान कराया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने किया उद्घाटन, कुलपति ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, इससे अनगिनत जीवन बचाए जा सकते हैं।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शिशिर पांडेय ने की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
चिकित्सकों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
शिविर में आईएमए से जुड़े कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों की उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी श्रीवास्तव, डॉ. प्रियंका खरे, डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. राजकपूर मौर्य सहित अन्य चिकित्सकों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
युवाओं ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
रक्तदान करने वालों में राहुल पांडेय, राकेश मिश्रा, हिमांशु भटनागर, देश दीपक यादव सहित कई युवाओं ने भाग लिया। पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं ने इसे जीवन का गौरवपूर्ण अनुभव बताया।
“सेवा ही धर्म” — डॉ. दीपू
‘चलते-फिरते ब्लड बैंक’ के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. आशीष पांडेय 'दीपू' ने कहा, “आज समाज में विभाजन की बातें होती हैं, लेकिन रक्तदान एक ऐसा माध्यम है जो सभी जाति, धर्म और वर्गों को जोड़ता है। वास्तव में सेवा ही सच्चा धर्म है।”
रक्त से बचेगी कई जिंदगियां
शिविर में एकत्रित रक्त को जनपद के विभिन्न ब्लड बैंकों में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे थैलेसीमिया, एनीमिया और आपातकालीन मरीजों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
शिविर में उपस्थित डॉ आशीष के पिता पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री जयशंकर पाण्डेय ने कहा कि देश में रक्त की बहुत जरूरत रहती है जो रक्त दान से ही जरूरत मंदों मिल पाना संभव है रक्त दान से मानव शरीर में कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है,
इस आयोजन ने अयोध्या जनपद में रक्तदान के प्रति नई जागरूकता पैदा की है। खासकर युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत हुआ है, जो भविष्य में ऐसे और आयोजनों को गति देगा।


Comments
Post a Comment