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सरयू तट क्षेत्र की पार्किंग व्यवस्था पर संत समाज में नाराजगी

श्रद्धालुओं से होती है मनमानी वसूली-महंत बाल योगी रामदास

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या। रामनगरी में सरयू तट के आसपास संचालित पार्किंग व्यवस्था को लेकर संत समाज एवं स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि सरयू स्नान और मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले लोगों के वाहनों पर बिना स्पष्ट सूचना के टैग लगाकर लॉक कर दिया जाता है और उन्हें वाहन छुड़ाने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने को मजबूर किया जाता है। इस मामले को लेकर संत समाज ने प्रशासन से व्यवस्था की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।

    मां सरयू के पावन तट स्थित करतलिया आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बाल योगी रामदास ने पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि धर्मपथ से सरयू घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर अस्थायी पार्किंग संचालित की जा रही है। उनका कहना है कि श्रद्धालु जैसे ही वाहन खड़ा कर स्नान या दर्शन के लिए जाते हैं, कुछ ही देर में वाहनों पर टैग लगाकर उन्हें लॉक कर दिया जाता है।उन्होंने बताया कि भजन संध्या स्थल के समीप भी पार्किंग बनाई गई है, जहां आए दिन श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार लोग केवल 10 से 15 मिनट के लिए सरयू स्नान करने जाते हैं, लेकिन लौटने पर वाहन लॉक मिलता है और उसे खोलने के नाम पर मोटी रकम मांगी जाती है।महंत रामदास ने कहा कि अयोध्या आने वाले अधिकांश श्रद्धालु आसपास के जिलों — अयोध्या, बस्ती, गोंडा और अंबेडकरनगर आदि — से आते हैं। इनमें बड़ी संख्या सामान्य परिवारों की होती है, जो सीमित धनराशि लेकर रामलला के दर्शन, सरयू स्नान और मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सोचते हैं कि दर्शन-पूजन कर प्रसाद चढ़ाकर शांतिपूर्वक घर लौट जाएंगे, लेकिन पार्किंग के नाम पर होने वाली कथित वसूली से उनका पूरा बजट बिगड़ जाता है।संत समाज का आरोप है कि पार्किंग स्थलों पर शुल्क संबंधी स्पष्ट बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। जहां बोर्ड लगे भी हैं, वहां अवरोध खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को शुल्क की सही जानकारी नहीं मिल पाती। इससे मनमाने ढंग से वसूली किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।महंत रामदास ने यह भी कहा कि कई बार आश्रम में आने वाले भक्तों को भी इसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन लॉक होने के बाद श्रद्धालुओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और कई मामलों में विवाद तथा मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात करती है। नगर निगम और अन्य विभागों को भी बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर श्रद्धालुओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अस्थायी रूप से पार्किंग संचालित किए जाने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। कई पार्किंग स्थलों पर न तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। फायर सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और व्यवस्थित पार्किंग प्रबंधन जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पार्किंग स्थलों को किस मानक के आधार पर संचालित किया जा रहा है।

     संत समाज एवं स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम, विकास प्राधिकरण और प्रशासन संयुक्त रूप से पार्किंग व्यवस्था की जांच कर स्पष्ट नियमावली लागू करें।श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क ही लिया जाए तथा सभी पार्किंग स्थलों पर शुल्क सूची और नियमों का बोर्ड प्रमुखता से लगाया जाए।लोगों का कहना है कि अयोध्या देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां आने वाले लोगों को सुविधा और सम्मान मिलना चाहिए, ताकि रामनगरी की सकारात्मक छवि बनी रहे। संत समाज ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि श्रद्धालुओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।

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