अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या।शहीद भगत सिंह स्मृति ट्रस्ट द्वारा मजदूर दिवस पर चौक में ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी के नेतृत्व में सभी श्रमिकों को मिठाई खिलाकर मजदूर दिवस मनाया।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से ट्रस्ट के संरक्षक अतिथि और फैजाबाद बार के पूर्व मंत्री वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश चन्द्र तिवारी मौजूद रहे।
श्रमिकों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश चन्द्र तिवारी ने कहा कि मजदूर दिवस हर वर्ष 1 मई को पूरी दुनिया मे मनाया जाता है। यह दिन उन श्रमिकों को समर्पित है, जो अपने कठिन परिश्रम और पसीने से देश की नींव को मजबूत बनाते हैं। चाहे खेतों में काम करने वाले किसान मजदूर हों, फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मिस्त्री या रोज़मर्रा की सेवाएं देने वाले कर्मचारी—हर एक मजदूर देश की प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मजदूर दिवस का इतिहास श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई से जुड़ा हुआ है।
युवा अधिवक्ता और ट्रस्ट के सदस्य योगेश पांडेय ने कहा कि 19वीं सदी में मजदूरों ने बेहतर काम के घंटे, उचित वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल की मांग को लेकर आंदोलन किए। इन संघर्षों के परिणामस्वरूप आज हमें 8 घंटे काम का नियम और कई श्रम कानून देखने को मिलते हैं।
ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा कि आज के समय में भी मजदूर वर्ग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। महंगाई, अस्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा की कमी और काम के दौरान जोखिम जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। ऐसे में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि मजदूरों को सम्मानजनक जीवन, उचित वेतन और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
फैजाबाद में चौक पर मजदूर इकठ्ठा होते है काम के लिए धूप,बरसात ठंड में करीब सुबह सात बजे से जबतक काम नहीं मिल जाता है खड़े रहते है। ट्रस्ट जिला प्रशासन से मांग करता है कि इन श्रमिकों के लिए कोई स्थाई रूकने की व्यवस्था शहर में कराई जाय।जल्द ही हम लोग तमाम सामाजिक और प्रगतिशील साथियों के साथ जल्द ही जिला प्रशासन से मांग करेगा।
ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अखिलेश सिंह ने कहा कि मजदूर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश का विकास तभी संभव है जब हर मजदूर को उसका हक और सम्मान मिले। हमें उनके योगदान को केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन सम्मान देना चाहिए।
रामजी तिवारी ने कहा कि मजदूर केवल श्रमिक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के सच्चे कारीगर हैं। उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। इसलिए आइए, इस मजदूर दिवस पर हम सब मिलकर उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लें।
कार्यक्रम में महावीर पाल,धीरज द्विवेदी,विजय श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह,रामजी तिवारी,राम सुरेश, युवा अधिवक्ता योगेश पांडेय सहित कई लोग मौजूद रहे।

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