सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी
मनोज कुमार मौर्य
आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्मचारी संगठनों को आमंत्रित किया है। आमंत्रित सभी संगठन लगभग सवर्ण जाति के नेताओं के हैं। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि इस बैठक में वित्त विभाग के विशेष सचिव ने उत्तर प्रदेश के अनेकों दलित सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा की है। जिससे कि सफाई कर्मचारी संगठनों को प्रदेश के सफाई कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं को आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के समक्ष रखने से वंचित होना पड़ेगा। यह स्थिति असहनीय और निंदा के योग्य है।
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