अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या। सीरत कमेटी, फैजाबाद-अयोध्या के तत्वावधान में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित होने वाला "शोहदा-ए-इस्लाम" का दस दिवसीय इजलास बुधवार से प्रारंभ होगा। यह कार्यक्रम पूर्व वर्षों की भांति पहली मुहर्रम से लेकर दस मुहर्रम (आशूरा) तक प्रतिदिन रात्रि 9:30 बजे ईशा की नमाज के बाद आयोजित किया जाएगा।
कमेटी के मीडिया प्रभारी मास्टर इरशाद रब्बानी ने बताया कि इजलास में इस्लाम की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों के जीवन, उनके त्याग और आदर्शों पर विद्वानों द्वारा प्रकाश डाला जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफिज कारी इरफान अहमद हलीमी करेंगे, जबकि इसका संरक्षण मुफ्ती हसबुल्लाह उर्फ बादशाह खान के निर्देशन में होगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की विभिन्न मस्जिदों में आयोजित किया जाएगा। अंतिम एवं विशेष इजलास मोहल्ला अंगूरी बाग स्थित जन्नत मैरिज लॉन में संपन्न होगा।
इजलास में स्थानीय एवं अन्य जनपदों से आए प्रतिष्ठित उलेमा और इस्लामी विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे। प्रमुख वक्ताओं में मौलाना आदम मुस्तफा फिरोजाबादी, मौलाना अमीनुल हक ओसामा (कानपुर), मुफ्ती मुहम्मद अहमद (बस्ती), मौलाना कफील अशरफ (लखनऊ), कारी रियाज, मौलाना तौसीफ अहमद नदवी, मौलाना मुहम्मद बशीर (गोंडा), मुफ्ती जियाउद्दीन कासमी, मौलाना जहीर अब्बास नदवी, मौलाना सलमान, मुफ्ती मुजाहिदुल इस्लाम मोमिन, मुफ्ती अहमद आरिफ हसन कासमी, मुफ्ती जैद नदवी एवं मुफ्ती अब्दुल मन्नान कासमी शामिल हैं।
वहीं तिलावत-ए-कुरआन की जिम्मेदारी कारी मुहम्मद तौसीफ, मुफ्ती असदुल्लाह रहमानी, कारी तल्हा, कारी मआज़ एवं हाफिज मुहम्मद यासीन निभाएंगे। नात एवं मनकबत पेश करने वालों में कारी अब्दुल बातिन, हाफिज मुहम्मद नदीम, हाफिज परवेज और हाफिज नूरुद्दीन प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी जावेद बस्तवी, हाजी मुहम्मद अनीस, हाफिज तौसीफ, जमजम, फुरकान भाई, मुहम्मद अमीन भाई, मुहम्मद हसन उर्फ बच्चन प्रधान, अब्दुल मतीन नवाबगंज सहित अन्य कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जो आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
दस दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए सीरत कमेटी की बैठक मरकजी जामा मस्जिद, सराय पुख्ता तरकारी मंडी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुफ्ती जियाउद्दीन कासमी ने तथा संचालन हाफिज मुहम्मद जावेद बस्तवी ने किया। बैठक में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।
सीरत कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इजलास में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

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