अयोध्या से रवि मौर्य
अयोध्या। सिंधी समाज की अग्रणी संस्था सिंधु सेवा समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में सिंधुपति महाराजा दाहिर सेन के बलिदान दिवस के अवसर पर सिविल लाइन स्थित महाराजा दाहिर सेन चौराहे पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने गगनभेदी नारों के साथ वीर योद्धा को नमन किया। साथ ही आमजन के लिए शर्बत, आइसक्रीम एवं बिस्किट का वितरण भी किया गया।
समिति के संरक्षक मोहन मंध्यान ने कहा कि महाराजा दाहिर सेन ने अरब आक्रमणकारियों के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ युद्ध किया और वे सिंध प्रांत के अंतिम सम्राट थे।
समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यमंत्री (दर्जा प्राप्त) अमृत राजपाल ने कहा कि महाराजा दाहिर सेन एवं उनके परिवार ने अपनी सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राजा दाहिर सेन वीरता, साहस और पराक्रम के प्रतीक थे तथा उनकी पुत्रियां परिमल और सूर्या भी असाधारण रूप से साहसी थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से कक्षा 6, 7 और 8 के पाठ्यक्रम में महाराजा दाहिर सेन की जीवनी शामिल करने की मांग की।
समिति के महासचिव नरेंद्र क्षेत्रपाल ने बताया कि महाराजा दाहिर सेन की स्मृति में 17 एवं 18 जून को भी समिति कार्यालय परिसर के बाहर शर्बत वितरण किया जाएगा। उन्होंने आइसक्रीम सेवा के लिए समिति मंत्री राजकुमार रामानी एवं गुड डे बेकरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में समिति के संरक्षक ओम प्रकाश अन्दानी, वेद प्रकाश राजपाल, गिरधारी चावला, उपाध्यक्ष जय प्रकाश क्षेत्रपाल, सिंधी सेंट्रल पंचायत के शहर मुखिया पवन कुमार जीवानी, रोशन तोलानी, राजकुमार मोटवानी, धनेश बजाज, अशोक मंध्यान ‘सुखी’, कोषाध्यक्ष सुनील मंध्यान, मंत्री पुरुषोत्तम दासवानी, राजकुमार रामानी, नारायण दास केवलरामानी, कन्हैया लाल सागर, मुकेश तोलानी, सुखदेव साधवानी, सुरेश तोलानी, व्यापारी नेता अंगद चौरसिया, पूर्व पार्षद बुद्धिपाल प्रजापति, शंकर (राजू) राजपाल, कमल रावलानी, विपिन खत्री, अनूप रामानी, लक्ष्मण माखेजा, सुमित माखेजा, मीडिया प्रभारी संदीप मंध्यान, सोशल मीडिया प्रभारी कैलाश साधवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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