Skip to main content

लखनऊ अग्निकांड के मृतकों को राष्ट्रीय छात्र संगठन ने दी श्रद्धांजलि, निकाला कैंडल मार्च

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या।लखनऊ में हुई दर्दनाक अग्निकांड की घटना में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा गुरुवार को एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष जय प्रताप गुप्ता ने किया।

कैंडल मार्च सिविल लाइंस स्थित शहीद स्तंभ से प्रारंभ होकर गांधी पार्क तक निकाला गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष जय प्रताप गुप्ता ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। संगठन मृतकों के परिजनों के साथ खड़ा है तथा प्रशासन से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग करता है।

इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस पार्टी के महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। सरकार एवं संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मृतकों के परिवारों की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ संचालित करना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से पीड़ित परिवारों के प्रति सहयोग एवं संवेदना व्यक्त करने का आह्वान किया।

उक्त  अवसर पर प्रमुख रूप से सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा अशोक कनौजिया, बृजेश रावत, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुरेंद्र प्रताप सिंह, कवींद्र साहनी, धीरेंद्र सिंह बबलू, विशाल दुबे अशोक कुमार शर्मा, कल्लू शर्मा सहित राष्ट्रीय छात्र संगठन के  पदाधिकारी मौजूद रहे।

Comments

Popular posts from this blog

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

“अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी: उजड़ने की कगार पर संजय कॉलोनी भाटी माइंस”

जितेंद्र कुशवाहा दिल्ली के दक्षिणी इलाके में स्थित संजय कॉलोनी भाटी माइंस के लोग आज भी अपने अधिकार और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह वही कॉलोनी है, जिसे वर्ष 1976 में दिल्ली सरकार ने विधिवत बसाया था और यहां के निवासियों को पट्टे भी दिए गए थे। उस समय ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया गया था कि अब उन्हें एक स्थायी ठिकाना मिल गया है। लोग गांव से आए, मजदूरी की, और जीवनभर की कमाई लगाकर ईंट-पत्थर से अपने आशियाने खड़े किए। लेकिन 1991 में अफसरों की लापरवाही और सरकार की अनदेखी ने यहां के निवासियों की जिंदगी को अंधकार में धकेल दिया। अधिकारियों की एक गलत रिपोर्ट और अदूरदर्शी निर्णय के कारण पूरी कॉलोनी को रिज क्षेत्र (संरक्षित वन क्षेत्र) घोषित कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि 15 साल पहले जिन घरों को कानूनी मान्यता दी गई थी, वे अचानक “अवैध” हो गए। आज हालात यह हैं कि सरकार और प्रशासन उन्हीं घरों को तोड़ने पर आमादा है, जिन पर लोगों ने अपना खून-पसीना बहाकर जीवन की पूंजी लगा दी थी। इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए नव युवक ग्राम विकास समिति के सदस्य एवं ‘संसार जनकल्याण एक किरण फाउंडेशन’ के संस्थापक समाज...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...