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करंट की चपेट में आने से संविदा विद्युत कर्मी की मौत

परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप

अयोध्या से रवि मौर्य

अयोध्या। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र अंतर्गत राम की पैड़ी विद्युत उपकेंद्र में तैनात संविदा विद्युत कर्मी की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि विभाग ने घटना की सूचना समय पर नहीं दी और कई घंटे बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे।

जानकारी के अनुसार राम की पैड़ी विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत संविदा कर्मी राजेंद्र कुमार पुत्र रामकुमार, निवासी देवा शरीफ, बाराबंकी शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे अपने सहकर्मी के साथ तुलसी उद्यान के पीछे मजगवां मंदिर के पास विद्युत फॉल्ट ठीक करने गए थे। इसी दौरान वह विद्युत स्पर्शाघात की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल श्रीराम चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि विभाग द्वारा घटना की कोई सूचना नहीं दी गई। उन्हें हादसे की जानकारी अन्य लोगों के माध्यम से प्राप्त हुई। घटना के कई घंटे बाद विभागीय अधिकारी कोतवाली अयोध्या पहुंचे।

मृतक की पत्नी राजकुमारी ने कोतवाली अयोध्या में तहरीर देकर संबंधित जेई और एसडीओ को नामजद करते हुए कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही विद्युत मजदूर पंचायत उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष जय गोविंद सिंह उर्फ बबलू सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष सुशील कुमार मौर्य तथा अन्य पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

कोतवाली परिसर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल बुलाया। विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारियों एवं परिजनों की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया। साथ ही विभागीय नियमों के तहत एक सप्ताह के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई। 

काफी देर तक चली बातचीत और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।तात्कालिक सहायता स्वरूप में जेई व  एसडीओ ने परिजन पिता को रूपए 75000 नगद सहायता राशि दिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शव को अंतिम संस्कार हेतु पैतृक आवास बाराबंकी भेज दिया गया।

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