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नैतिक आधार पर हिंदू महासभा ने ट्रस्टियों से मांगा त्यागपत्र

कहा कि मौन रहकर अपराधी का साथ देना भी अपराध

 
अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के  ट्रस्टियों जिसमें प्रमुख रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण, जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युग पुरुष परमानंद  महाराज, पेजावर मठ के महंत जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्ना तीर्थ स्वामी, स्वामी गोविंद गिरी महाराज, महंत दिनेंद्र दास महाराज निर्मोही अखाड़ा , महंत नृत्य गोपाल दास महाराज अध्यक्ष राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, डॉ अनिल मिश्रा, तथा महामंत्री चंपत राय बंसल, को पत्र प्रेषित करके कहा है कि जिस प्रकार राम मंदिर में चोरी ,गबन,भूमि की खरीद में हेरा फेरी, की गई है उसे पूरा हिंदू समाज आहत है, दुर्भाग्य है कि सभी दृष्टियों का इस मुद्दे पर मौन रहना भी कहीं ना कहीं अपराध को बढ़ावा देने वाला सिद्ध हो रहा है, अतः सभी ट्रस्टों को नैतिक आधार पर अपने पदों से त्यागपत्र देते हुए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीशों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए खुद पहल करें, श्री पांडेय द्वारा प्रेषित पत्र में गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण, तथा नारद पुराण में वर्णित मंदिर में दान की गई वस्तु की चोरी का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह  कोई साधारण चोरी नहीं बल्कि देवद्रव्य का हरण अर्थात महापाप माना गया है ,और जो कोई भी व्यक्ति देवी देवताओं को समर्पित वस्तुओं की चोरी करता है अथवा उसका दुरुपयोग करता है उसे महा पापी माना गया है, प्रेषित पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर आप सभी ट्रस्टी महोदय तत्काल प्रभाव त्यागपत्र नहीं देते हैं तो सर्वप्रथम हिंदू समाज में एक गलत संदेश आएगा और समस्त हिंदू समाज को विश्वास को गहरी ठेस और आघात लगेगा बेशक दोषी सीट की जांच में अपने पावर और पैसे से बच जाएंगे किंतु प्रभु श्री राम के न्यायालय में ऐसे लोग नहीं बच पाएंगे, श्री पांडे द्वारा प्रेषित पत्र में यह भी कहा गया है कि जो अपराधी है वह तो अपराधी है ही किंतु जो अपराध का साथ देता है वह भी अपराधी ही होता है,इस समय अगर आप मौन हो गए तो इतिहास में इसे एक कलंक के रूप में एक महापाप के रूप में लिखा जाएगा।

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