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2016 के पुनरीक्षित वेतनमान पर संकट, जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

वेतनमान वापस लेने के प्रस्ताव का विरोध, बैंक कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की दी चेतावनी

इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक में कर्मचारियों का प्रदर्शन, पुनरीक्षित वेतनमान बहाल रखने की मांग

प्रमुख संवाददाता

प्रयागराज। इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड,इलाहाबाद (प्रयागराज एवं कौशाम्बी) के कर्मचारियों ने वर्ष 2016 के पुनरीक्षित वेतनमान को वापस लेने के प्रस्ताव के विरोध में बैंक मुख्यालय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंक की प्रबंध समिति तथा सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराते हुए पुनरीक्षित वेतनमान को यथावत बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष2016 का पुनरीक्षित वेतनमान लंबी संघर्ष प्रक्रिया, विधिक औपचारिकताओं तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लागू किया गया था। ऐसे में इसे वापस लेने का कोई भी प्रयास कर्मचारियों के वैधानिक एवं अर्जित अधिकारों का हनन है तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उनका कहना था कि इस निर्णय से कर्मचारियों के आर्थिक हितों के साथ-साथ उनके मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जीवन - यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए पुनरीक्षित वेतनमान उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इसे वापस लिया जाता है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक कर्मचारी हमेशा बैंक के विकास, वित्तीय अनुशासन और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहे हैं। ऐसे में उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण किसी प्रकार की अनुकंपा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का विधिसम्मत और न्यायोचित अधिकार है। उन्होंने प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मांग की कि पुनरीक्षित वेतनमान को तत्काल प्रभाव से यथावत रखा जाए तथा इसे वापस लेने संबंधी किसी भी प्रस्ताव या निर्णय को निरस्त किया जाए। साथ ही, कर्मचारियों से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले कर्मचारी संगठनों से वार्ता की जाए।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपने वैधानिक अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए और स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहेगा। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि वेतनमान वापस लेने की कार्रवाई निरस्त नहीं की गई तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। इसके तहत धरना, प्रदर्शन, सामूहिक ज्ञापन, कार्य बहिष्कार तथा अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी। इसी दौरान बैंक की प्रबंध समिति की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें सभापति शिव मोहन मौर्य, सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी वीरेंद्र कुमार यादव तथा निदेशक ज्ञान सिंह पटेल, देवेंद्र प्रताप सिंह, अनिल मिश्रा, ज्ञान बाबू केसरवानी, शिव शंकर मौर्य, चंद्रशेखर मौर्य, धर्मराज पटेल, धर्मराज पाल एवं दीपचंद्र दिवाकर उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने बैठक के दौरान सभापति शिव मोहन मौर्य के समक्ष अपनी मांगों और आपत्तियों को विस्तार से रखते हुए पुनरीक्षित वेतनमान को यथावत बनाए रखने के लिए सकारात्मक हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई। प्रदर्शन में कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लॉइज़ यूनियन एवं कोऑपरेटिव बैंक स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर विक्रम प्रताप सिंह, मोहम्मद बिलाल, महेंद्र कुमार, रंजीता मौर्या, संजय जैसवाल, कृष्ण कुमार, आशीष कुमार, उमाकांत, मनोज कुमार, विभा कुमारी, तुषार कान्त, रेनू यादव, अनीता चौरसिया, अरविन्द मौर्य, अशोक मौर्य, हरेंद्र भारती, विपिन गौतम, गोपेश सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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