मनोज मौर्य
लखनऊ उत्तर प्रदेश में स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में प्रदेश में नए राजनीतिक विकल्प के लिए लोक मोर्चा का गठन हुआ, जिसमें सम्यक पार्टी की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
यह तय हुआ है कि अति पिछड़े और दलित को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में भागीदारी मिलेगी।
सत्ता में आते ही हर प्रकार की नौकरियों में आरक्षण लागू किया जाएगा और वर्गीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
लोक मोर्चा वर्तमान तानाशाह सरकार और प्रदेश की एक जाति विशेष के वर्चस्व को कायम करने वाले सपा और बसपा के व्यक्तिवादी, परिवारवादी और जातिवादी राजनीति और राजनीतिक दल का एक स्वस्थ विकल्प प्रस्तुत करेगा।
मोर्चा के संयोजक स्वामी प्रसाद मौर्य होंगे और यही आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के एकमात्र चेहरा होंगे।
नौ दलों का संयुक्त मोर्चा लोक मोर्चा बना है, जिसमें मोर्चे के संयोजक पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य होंगे, जिनकी खुद की अपनी जनता पार्टी है।
इस गठबंधन में सम्यक पार्टी शामिल है, जिसके वर्तमान मुखिया राजामणि सुब्बैया राय हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी, विनय ठाकुर की जन सेवा दल और बी. पी. अशोक की पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी, घनश्याम कोरी की स्वतंत्र जनता राज पार्टी, प्रमोद लोधी की सबका दल युनाइटेड, मोतीलाल शास्त्री की राष्ट्रीय समानता दल और सत्यनारायण मौर्य की सर्वलोकहित समाज पार्टी की पूर्ण सहमति है। ये सभी दल लोक मोर्चा के प्रमुख अंग हैं। आगे इस लोक मोर्चा के विस्तार के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य को अधिकृत किया गया है, लेकिन इस शर्त पर की मुख्यमंत्री का चेहरा सिर्फ और सिर्फ स्वामी प्रसाद मौर्य होंगे।
यह लोक मोर्चा उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा और वंचित जातियों को शासन सत्ता में लाकर उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र में मूलभूत व्यापक गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन के लिए ईमानदारी से काम करेगा।
यह गठबंधन 2027 के उत्तर प्रदेश की विधानसभा चुनाव के लिए हुआ है और इस लोक मोर्चा की ईमानदार नीति आगे इसके भविष्य को तय करेगी।
लोक मोर्चा के प्रमुख मुद्दे अति पिछड़े, अति दलित और अल्पसंख्यक समाज की पसमांदा जातियों को समुचित जनसंख्या के अनुपात में आगामी उत्तर प्रदेश की विधानसभा चुनाव 2027 में समुचित भागीदारी के लिए टिकट का वितरण और शासन सत्ता में भागीदारी देना है और आरक्षण का दायरा बढ़ाकर, साथ ही साथ उसके वर्गीकरण का काम किया जाएगा।
यह सम्यक पार्टी के लिए एक अस्थायी पड़ाव है। सम्यक पार्टी की बहुजन समाज की अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन और विलय की प्रक्रिया चलती रहेगी।
साथ ही, सम्यक पार्टी का बहुजन समाज की लोकतांत्रिक पार्टी बनाने का अभियान जारी रहेगा।


स्वामी प्रसाद मौर्य जी जिंदाबाद जिंदाबाद जिंदाबाद नमो बुद्धा बुद्धमय भारतवर्ष जय संविधान जय भीम जय किसान जय जवानजय विज्ञान जय महान चक्रवर्ती सम्राट अशोकजी जय चंद्रगुप्त मौर्य जी जय पूर्वजों, जागो जागो ओबीसी sc st बहुजन मूलनिवासियों एक हो जाओ, मनुवादी पाखंडी rss बीजेपी कांग्रेस EVM को हटाओ, देश प्रदेश संविधान इतिहास रोजगार शिक्षा आरक्षण सामाजिक न्याय बचाओ, अपने पूर्वजों के पुराने घर तथागत बुद्धा धम्म में वापसी करे।
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