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राक्षसों से त्रस्त देश को यह राष्ट्र भक्ति का प्रमाण?

सीतापुर (बिसवां) जनपद के विख्यात कवि साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने लखनऊ के शब्दरंग स्टूडियो में अपना जलवा बिखेरा। 

राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित गीत गगन कार्यक्रम की शूटिंग संपन्न हुई जिसका शानदार जानदार संचालन संस्थान के अध्यक्ष आइएएस अखिलेश मिश्र ने किया। 

इस अवसर पर श्री मृदु ने भगवान राम पर केंद्रित अपनी रचनाओं का पाठकर सभी का मन मोह लिया। उन्होंने कहा राम इस राष्ट्र की आत्मा तथा प्राणशक्ति हैं। राम के बगैर राष्ट्र की कल्पना ही असंभव है 
  • राक्षसों से त्रस्त देश को दिलाने हेतु त्राण कष्ट भोगा यह राष्ट्र भक्ति का प्रमाण है।
  • गीध शबरी निषाद बानर व भालुओं के प्रति प्रेम दृढ़ एकता की पहचान है।
  • राष्ट्र भक्ति का ही परिचायक है राम का ये घोष वाक्य जन्मभूमि स्वर्ग से महान है।
राम और राष्ट्र एक दूसरे के पर्याय राम गुणगान राष्ट्रगान के समान है। उनके साथ रससिद्ध कवयित्री शिखा श्रीवास्तव, डा सुधा मिश्रा व चंद्रदेव दीक्षित ने उत्कृष्ट काव्यपाठ कर माहौल को जीवंत कर दिया।

इसके अतिरिक्त अलग-अलग एपीसोड में संस्थान की उपाध्यक्ष डा शोभा दीक्षित भावना, महामंत्री सीमा गुप्ता, संयुक्त मंत्री इंद्रासिनी, संगठन मंत्री डा रश्मिशील,  संस्थान के पूर्व महामंत्री डा दिनेश चंद्र अवस्थी, हास्य कवि संदीप अनुरागी, मधु पाठक, इंजीनियर सुनील बाजपेई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश चन्द्र वर्मा, श्रावण कुमार, अमरेंद्र द्विवेदी आदि ने काव्यपाठ कर गीतगगन को गौरवान्वित किया।

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