Skip to main content

सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव छठवीं बार नई दिल्ली में होंगे सम्मानित


अयोध्या। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय अयोध्या में नियुक्त खाकी वाले गुरूजी के नाम से प्रसिद्ध उपनिरीक्षक रणजीत यादव को भारतीय जन सेवा मिशन द्वारा अपने पांचवें स्थापना दिवस पर देश की राजधानी नई दिल्ली में दिनांक 16 मार्च 2025 को आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में सुरक्षा के साथ सेवा भावना के कारण सम्मानित किया जायेगा। सराहनीय कार्य करने वाले देश के कुल 40 लोगों को किया जाएगा सम्मानित।
रणजीत यादव द्वारा अपनी ड्यूटी को वरीयता देते हुए अयोध्या के जयसिंह वार्ड की मलिन बस्ती के गरीब असहाय और भिक्षावृत्ति से जुड़े 75 बच्चों को 2021 से निशुल्क शिक्षण प्रदान करने के साथ ही उन्हें कॉपी, किताब, पेंसिल, रबर, कटर, पेन, झोला, वस्त्र, चप्पल इत्यादि भी लोगों के सहयोग से निःशुल्क प्रदान किया जाता है। समाजसेवी दारोगा रणजीत ने घाटों और मंदिरों के आस-पास बड़े बुजर्गों के साथ छोटे-छोटे बच्चों को भी अपने हाथों में कटोरा लेकर भिक्षावृत्ति करते हुए देखा तो इन बच्चों की जिंदगी बदलने का संकल्प लिया और इनकी बस्ती में पहुंचकर इन्हें शिक्षित करने की शुरूआत किया। रणजीत ने शिक्षा की इस मुहिम को अपना स्कूल नाम दिया है।
रणजीत यादव ने मलिन बस्ती के बच्चों के माता-पिता को जागरूक करके 28 बच्चों का एडमिशन नजदीक के सरकारी स्कूल में करवा दिया है अब वह सब रोजाना स्कूल जाते हैं। पुलिस की व्यस्ततम ड्यूटी से समय निकाल कर वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा देने के कारण अयोध्या वासी प्यार से इन्हें "खाकी वाले गुरुजी" नाम से बुलाते हैं।
रणजीत यादव ने कहा कि "यह पुरस्कार माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद एवं मित्रों के सहयोग तथा स्वयं के कठिन परिश्रम का परिणाम है! अपना स्कूल के सहयोगी ऋषभ शर्मा और विनय कुशवाहा को विशेष धन्यवाद!"

Comments

Popular posts from this blog

दलित सफाई कर्मचारी संगठनों को नहीं मिला निमंत्रण, सरकार पर भेदभाव का आरोप

आठवें वेतन आयोग की बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा पर भड़का आक्रोश सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी मनोज कुमार मौर्य   आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्म...

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...