Skip to main content

डीएम की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित, जनसमस्याओं की हुई सुनवाई

65 में से 20 प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण

वशिष्ठ मौर्य

देवरिया जिलाधिकारी  दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार को तहसील रुद्रपुर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनसामान्य की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई की गई।

       जिलाधिकारी  दिव्या मित्तल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का नियमों के अनुरूप, गुणवत्ता व पारदर्शिता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सभी विभागों को अपेक्षित जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

      इस अवसर पर 5 पात्र लाभार्थियों को अन्त्योदय राशन कार्ड तथा एक दिव्यांग आवेदक को प्रमाण पत्र प्रदान कर त्वरित लाभ दिया गया।

     पुलिस अधीक्षक  विक्रांत वीर ने पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी प्रकरणों का समाधान शीघ्रता एवं प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

       संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 65 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 20 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष 45 मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित कर आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। प्राप्त शिकायतों में 28 प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग, 7 पुलिस विभाग, 2 विकास विभाग, 1 खाद्य एवं रसद विभाग तथा 7 अन्य विभागों से संबंधित थे।

     समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी रुद्रपुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

      संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया गया। जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत वीर ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

Comments

Popular posts from this blog

दलित सफाई कर्मचारी संगठनों को नहीं मिला निमंत्रण, सरकार पर भेदभाव का आरोप

आठवें वेतन आयोग की बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा पर भड़का आक्रोश सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी मनोज कुमार मौर्य   आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्म...

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...