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जिला चिकित्सालय में मरीज की मौत पर हंगामा

मेडिकल वार्ड के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप, ऑक्सीजन न मिलने से भड़के तीमारदार

बाहर से मंगवाया गया था दवा

रिपोर्ट रवि मौर्य 


अयोध्या। प्रदेश सरकार जहां स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे कर रही है, वहीं जिला चिकित्सालय में सामने आ रही घटनाएं इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। मंगलवार को पुरुष जिला चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक वृद्ध महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। तीमारदारों ने वार्ड स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों से अभद्रता की, जिससे पूरे वार्ड में अफरातफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, तिरखवा बुजुर्ग थाना छपिया, जनपद गोंडा निवासी 60 वर्षीय कौशल्या सिंह पत्नी सुरेश सिंह को मंगलवार सुबह करीब 9:40 बजे पेट दर्द की शिकायत पर जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी ओपीडी में लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. आशीष पाठक ने प्राथमिक उपचार करते हुए आवश्यक दवाएं व इंजेक्शन लगवाकर मरीज को मेडिकल वार्ड में भर्ती करा दिया। मरीज को मेडिकल वार्ड के बेड नंबर 13 पर शिफ्ट किया गया।मृतका के पति सुरेश सिंह का आरोप है कि सभी दवा बाहर से मंगाया गया, वार्ड में नर्सिंग स्टाफ द्वारा ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने व उसमें इंजेक्शन डालने के बाद से ही मरीज को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी और शरीर ठंडा होने लगा। इसकी सूचना देने पर वार्ड में तैनात पुरुष नर्स ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर में गैस उपलब्ध नहीं है। कुछ ही देर बाद मरीज की सांसें थम गईं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के एकमात्र फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी को बुलाया गया। वह ओपीडी छोड़कर तत्काल मेडिकल वार्ड पहुंचे, लेकिन तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। मौत की खबर सुनते ही तीमारदार आक्रोशित हो गए और डॉक्टरों से बहस करते हुए अभद्रता पर उतर आए। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही नगर कोतवाल अश्वनी कुमार पांडेय, पुलिस कर्मियों के साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार चौधरी, डॉ. अनिल कुमार वर्मा, आईएमए अध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव, ईएमओ डॉ. आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तीमारदारों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी।हालांकि तीमारदारों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए लिखित माफीनामा दिया और डेथ वाडी लेकर शव को लेकर अपने से घर चले गए।इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार चौधरी ने बताया कि पेट दर्द से पीड़ित महिला को भर्ती किया गया था, जिन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई और उनकी मौत हो गई। तीमारदारों द्वारा स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाये लेकिन कोई शिकायत दर्ज नही कराया।

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