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जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र सी०सी०टी०वी० की निगरानी में होगें, भर्ती प्रक्रिया

15 दिनों में पूर्ण करने सहित 05 गैर हाजिर अधिकारियों को शो-काज।

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या । मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत हुई, जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्र संचालन स्थल, आंगनबाडी सहायिकाओं के चयन, रेलवे के सी०एस०आर० से प्री-स्कूल किट की आपूर्तियां, कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों का चिकित्सीय प्रबन्धन, उनके रिकवरी रेट, गर्भवती महिलाओं के ए०एन०सी०-1,2,3,4 सहित अयोध्या धाम के 70 निर्माणाधीन आंगनबाडी केन्द्रों के साथ विभिन्न विकास खण्डों में निर्माणाधीन आंगनवाडी केन्द्रों की प्रगति, लाभार्थियों की ई-के०वाई०सी०, एफ०आर०एस० के माध्यम से खाद्यान्न वितरण, टीकाकरण, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, पोषण पखवाडा दिनांक 09.04.2026 से दिनांक 23.04.2026 सहित विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा की गई।

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषाहार मानकों में हुए बदलाव तथा लाभार्थियों का 7 समूह बनाते हुए 7 नए ब्राण्ड की रेसेपी बेरड पोषाहार से जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अब शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, सम्पूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी तथा सक्षम पोषण ब्राण्ड नाम ये रेसेपी बेस्ड पोषाहार की आपूर्ति आंगनबाड़ी केन्द्रों पर की जायेगी। यह आपूर्ति नेफेड द्वारा सीधे कार्यक्रम आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके मोबाइल पर संदेश देकर और ओ०टी०पी० सत्यापन अयोध्या के बाद कराई जायेगी। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालयों से खाद्यान्न उठान कराते हुए आंगनबाडी केन्द्रों पर प्राप्त कराने की मौजूदा व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार समाप्त हो चुकी है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की समीक्षा में प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र को सर्वे के साथ मैप करने और जहाँ विभागीय भवन उपलब्ध नहीं है उन गांवों में विभागीय भवन के निर्माण में प्राथमिकता दिये जाने सम्बन्धी निर्देश मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिया गया। इसी प्रकार आंगनबाडी चयन की समीक्षा में सम्पूर्ण कार्यवाही 15 दिनों में पूर्ण किये जाने सम्बन्धी निर्देश दिये गये।

आई०आर०एफ०सी० द्वारा अनुदानित रु 2.0 करोड़ से 1250 आंगनबाड़ी किट्स के क्रय सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रयोगार्थ आर०ओ० एवं एल०ई०डी० क्रय की भी समीक्षा की गई। इसी क्रम में जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सी०सी०टी०वी० से कवर कराने हेतु रू 4.24 करोड़ के नवीन सी०एस०आर० प्रस्ताव आई०आर०एफ०सी० को प्रेषित प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई।

ई० कवच पर कुपोषित/अति कुपोषित बच्चों की फीडिंग उनके फालोअप की भी समीक्षा की गई। इसी क्रम में गर्भवती महिलाओं के ए०एन०सी०-1,2,3,4 के चेक-अप, स्टेटस की भी समीक्षा की गई तथा बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने एवं कमियों के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।

अयोध्या धाम के 70 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष 50 पर कार्य हो रहा है, शेष 16 पर कार्य अनारम्भ रहने की समीक्षा के दौरान उपजिलाधिकारी सदर को भूमि चिन्हांकन कराने तथा अधिशाषी अभियन्ता नगर निगम को निर्माणाधीन भवनों में निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का समाधान कराने को निर्देशित किया गया है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण में शिथिल कार्यों की सूची समिति के समक्ष रखी गई, इसी प्रकार सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रगति की समीक्षा की गई, आकांक्षात्मक नगर माँ कामाख्या धाम, सुंचित्तागंज में निर्माणाधीन कार्यों सहित सभी अधूरे कार्यों को तत्काल पूर्ण कराने को भी निर्देशित किया गया। अधिशाषी अधिकारी भदरसा, माँ कामाख्या एवं सुचित्तागंज सहित अधिशासी अभियन्ता पी०डब्लू०डी० सी०डी०-4 एवं अधिशाषी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के बैठक से अनुपस्थिति पर उन्हें शो कॉज करने को भी निर्देशित किया गया।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कार्य में प्रगति लाने हेतु सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं मुख्य सेविकाओं के निरीक्षणों की समीक्षा में पाँच मुख्य सेविकाओं के न्यूनतम निरीक्षण करने पर उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी करना तथा ई० केवाईसी में 34 सेक्टरों में अपेक्षित प्रगति न होने और एफ०आर०एस० के माध्यम से खाद्यान्न वितरण में 38 सेक्टरों की प्रगति संतोषजनक न होने पर सम्बन्धित मुख्य सेविका को स्पष्टीकरण जारी करने हेतु निर्देशित किया गया है।

स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के ऐसे बच्चे जो जुलाई, 2026 में 06 वर्ष के हो जायेंगे, उन्हें निकटतम प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराने को निर्देशित किया गया, ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों की संख्या जनपद में 14296 है, जिन्हें निकटतम प्राथमिक विद्यालय में दाखिला दिलाया जाना है।

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