Skip to main content

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 167 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या । उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, लखनऊ द्वारा संचालित निर्माण श्रमिकों के हितार्थ संचालित "कन्या विवाह सहायता योजना' के अंतर्गत शुक्रवार को कार्यालय उपश्रमायुक्त, खपराडीह कोठी, अयोध्या परिसर में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 167 जोड़े पवित्र वैवाहिक परिणय सूत्र में बंधे, जिसमें से 164 विवाह गायत्री परिवार के पुरोहितों द्वारा हिंदू रीति-रिवाज से एवं 3 मुस्लिम जोड़े का निकाह मौलवी द्वारा हुआ।


उक्त योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के दो पुत्रियों तक का हितलाभ श्रम विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है। सामूहिक विवाह में न्यूनतम 11 जोडे के विवाह एक साथ एक स्थल पर आयोजित होने की दशा में पुत्री विवाह हेतु रु० 85000/- (रु० पच्चासी हजार मात्र) की धनराशि बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता के रुप में एवं सामूहिक विवाह आयोजन में व्यय हेतु रु0 15000/- प्रति जोड़े के दर से भुगतान उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आयोजनकर्ता को किया जाता है।


शुक्रवार 1 मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 167 जोड़ो का विवाह हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पूर्वान्ह 11:00-12:00 बजे तक लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से श्रमिकों के हितार्थ आवश्यक कदम भी उठाये गए। उक्त अवसर पर  आयोजित सामूहिक विवाह में जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह,  महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक सदर वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाअध्यक्ष भाजपा राधेश्याम त्यागी की गमिमामयी उपस्थिति में वर-वधु को आशीर्वाद एवं पुष्प वर्षा कर सामूहिक विवाह का आयोजन संपन्न हुआ। सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिक उक्त आयोजन से बहुत प्रसन्नचित्त दिखे। पुत्री का विवाह कर एक जिम्मेदारी से मुक्त हुए। जिला अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी, अयोध्या दिशा-निर्देश और अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व अमित कुमार भट्ट के सहयोग से उक्त सामूहिक विवाह कार्यक्रम का समापन पूर्णतः सफल रहा।


उपश्रमायुक्त अमित मिश्रा द्वारा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। विशेषकर उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित समस्त योजनाओं के बारे में जानकारी देते अपील की गयी कि अधिक से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीयन कराते हुए कन्या विवाह एवं सामूहिक विवाह का हितलाभ के साथ बच्चों की शिक्षा, पेंशन एवं अन्य योजनाओं का लाभ लें। सहायक श्रमायुक्त, अयोध्या द्वारा भी विभागीय योजनाएं जैसे कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं ई-श्रम के बारे में जानकारी देते हुए पंजीयन कराये जाने का अपील किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय मजदूर संघ के संरक्षक एस०पी० श्रीवास्तव, ईंट-भट्टा निर्माता संघ के पदाधिकारी, आई०आई०ए० अयोध्या के अध्यक्ष  सुमित जायसवाल, उपनिदेशक कृषि प्रदीप कनौजिया, उपायुक्त उद्योग प्रभात रंजन शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी  त्रिपाठी, सहायक निदेशक कारखाना अनंत कुमार एवं श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूपेंद्र, गौरव गुप्ता एवं प्रभात कुमार के साथ-साथ शिवकुमार यादव, प्रशासनिक अधिकारी, सूरज जायसवाल, स्टेनो, विनय कटियार, प्रधान सहायक, विमल मिश्रा, राजेश कुमार, पंकज यादव एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित होकर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में उपस्थित होकर सहयोग किया गया

Comments

Popular posts from this blog

दलित सफाई कर्मचारी संगठनों को नहीं मिला निमंत्रण, सरकार पर भेदभाव का आरोप

आठवें वेतन आयोग की बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा पर भड़का आक्रोश सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी मनोज कुमार मौर्य   आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्म...

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...