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अयोध्या के 42 फ़ीसदी हिस्से में 'लू' का खतरा, बचाव में जुटा नगर निगम

हीट एक्शन प्लान के तहत गर्मी से बचाव के लिए नई रणनीति लागू

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या। लगातार तापमान में वृद्धि के चलते अयोध्या के 42 फ़ीसदी हिस्से पर 'हीट वेव' का खतरा बढ़ गया है। इसके मद्देनजर नगर निगम ने 'हीट एक्शन प्लान' लागू किया है। इसके तहत घाटों, मंदिरों तथा श्रद्धालुओं के बहुलता वाले मार्ग को छायादार और गर्मी मुक्त बनाने के उपाय किए जाएंगे। 

इसके लिए अयोध्या नगर निगम ने नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ गांधीनगर के सहयोग से शहर का पहला हीट एक्शन प्लान लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य बढ़ते तापमान के खतरे से स्थानीय निवासियों और हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सिविल लाइन स्थित होटल 'पार्क इन' में आयोजित कार्यक्रम में नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि अयोध्या तेजी से विकसित हो रहा धार्मिक शहर है, जहां पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्षों में भारी वृद्धि हुई है। इसके चलते शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने गर्मी के प्रभाव को और अधिक गंभीर बना दिया है। उन्होंने बताया कि लागू योजना के शुरुआती चरण में किए गए वैज्ञानिक विश्लेषण में सामने आया है कि दिन के तापमान में सीमित वृद्धि के मुकाबले रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे “गर्म रातों” की समस्या बढ़ रही है। इससे जनस्वास्थ्य पर जोखिम गहराता जा रहा है।

नगर आयुक्त के अनुसार, यह योजना प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर लक्षित हस्तक्षेप के माध्यम से गर्मी से निपटने का स्पष्ट रोडमैप प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि अयोध्या के करीब 42 प्रतिशत यानि 25 वार्ड उच्च या अत्यधिक तापीय जोखिम वाले क्षेत्रों में चिन्हित किए गए हैं। 

नगर आयुक्त ने बताया कि हीट एक्शन प्लान के तहत छायादार मार्ग, कूलिंग शेल्टर, मिस्टिंग सिस्टम और सार्वजनिक स्थानों पर गर्मी से बचाव की विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके तहत मंदिर परिसर, घाटों और परिवहन केंद्रों जैसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा शहरी हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल निकायों के पुनरुद्धार, कूल रूफ्स और जलवायु-अनुकूल भवन निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इस मौके पर विशेषज्ञों ने बताया कि 2050 तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में यह योजना न केवल वर्तमान जोखिमों को कम करेगी, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी शहर को तैयार करेगी। अयोध्या का यह कदम तेजी से विकसित हो रहे अन्य शहरों के लिए उदाहरण बन सकता है।

इस मौके पर अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन, नेचुरल रिसोर्स डिफेंस काउंसिल की कंट्री हेड रिटायर्ड आईएएस दीपा बगाई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. आरपी सिंह, परियोजना समन्वयक सुखविंदर सिंह, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीसी भारती, सहायक जिला कृषि अधिकारी राहुल कुमार मिश्र, कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सत्यव्रत सिंह, क्षेत्रीय वनाधिकारी एसपी सिंह समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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