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बड़े मंगल पर अयोध्या में भक्ति और सेवा का संगम, जगह-जगह लगे विशाल भंडारे पूरे शहर में दिखा सेवा का उत्सव

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या। ज्येष्ठ माह के पांचवें बड़े मंगल पर रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों और जरूरतमंदों को प्रसाद वितरित किया गया।

जिला चिकित्सालय अयोध्या में चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं कर्मचारियों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बजरंगबली के चित्र पर भोग अर्पित कर किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को बूंदी, हलवा, छोले-चावल सहित विभिन्न प्रसाद वितरित किए गए। अस्पताल परिसर में दिनभर भक्ति और सेवा का वातावरण बना रहा।

वहीं जिला जेल चौकी प्रभारी गोविंद अग्रवाल ने अपने सहयोगियों के साथ फतेहगंज रोड स्थित कारागार गेट पर शर्बत एवं चना वितरण कर राहगीरों की सेवा की। भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को ठंडे पेय पदार्थ उपलब्ध कराए गए।

मंगला श्रृंगार आरती सेवा समिति की ओर से आयोजित विशाल भंडारे का उद्घाटन हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास ने किया। श्रद्धालुओं को पूड़ी, सब्जी और चावल का प्रसाद वितरित किया गया। महंत संजय दास ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करते हैं। भाजपा नेता अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह ने बड़े मंगल की परंपरा को अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसे भाईचारे और जनसेवा का पर्व कहा।

इसी क्रम में पूर्व सांसद लल्लू सिंह की संस्था अयोध्या न्यास के तत्वावधान में मवई चौराहा एवं भरतकुंड में विशाल भंडारे आयोजित किए गए। पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा और परोपकार का विशेष महत्व है तथा ऐसे आयोजन समाज में एकता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

स्टेट बैंक तिराहे पर भी विश्व कल्याण एवं जनमंगल की कामना के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव एवं पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय ‘बादल’ ने विधिवत पूजन-अर्चन कर किया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।

पूरे शहर में बड़े मंगल के अवसर पर जगह-जगह आयोजित भंडारों में श्रद्धा, भक्ति और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों द्वारा किए गए इन आयोजनों ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और जनसेवा का संदेश दिया।

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