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सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

अयोध्या के गांधी पार्क, सिविल लाइन में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद् श्री सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम नगर कोतवाल श्री मनोज शर्मा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में कहा गया कि देश के युवाओं का भविष्य शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोज़गारी जैसी गंभीर समस्याओं से प्रभावित हो रहा है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि श्री सोनम वांगचुक द्वारा युवाओं के मुद्दों को लेकर किए गए अनशन तथा उनके साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए।


प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ, शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जाएँ तथा युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।


इस अवसर पर आम आदमी पार्टी अयोध्या के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता अनिल कुमार प्रजापति ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज़ उठाने वालों के प्रति केंद्र सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है तथा उनकी पार्टी के अनुसार सरकार असहमति के स्वरों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।


प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर कोतवाल श्री मनोज शर्मा के माध्यम से प्रेषित किया तथा युवाओं के हित में शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।


कार्यक्रम में यू.के. द्विवेदी, राजीव पाठक, शारजाह मास्टर, गायत्री मिश्रा, सुनील मौर्य, रघुनाथ प्रताप, मनोज दुबे, अखिलेश गौतम, चंद्र प्रकाश, साक्षी पासवान, शिवानी, सुनीता, गुड़िया राइन, दिलीप वर्मा, रामजी वर्मा सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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