Skip to main content

प्रधानी से राजधानी तक राजनीतिक भागीदारी बढ़ाए कुशवाहा समाज - राकेश महतो

शिक्षा और शक्ति से ही बनेगा सशक्त समाज सहकारिता से आएगी समृद्धि

 
कुशवाहा महासभा की आमसभा में सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास के मुद्दों पर हुई चर्चा

 

कानपुर में कुशवाहा महासभा का महासम्मेलन, महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी देने का हुआ ऐलान

दीक्षा कुशवाहा  

कानपुर l अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा की आमसभा का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशवाहा राकेश महतो के मुख्य आतिथ्य एवं प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुशवाहों को देश में प्रधानी से लेकर राजधानी तक राजनीतिक भागीदारी बनाने का गुरुमंत्र देते हुए प्रत्येक कुशवाहा को सशक्त और समृद्ध बनने के तौर तरीके भी बताए गए। कानपुर के लाजपत भवन में आयोजित की गई आमसभा में बतौर मुख्य अतिथि राकेश महतो ने साफ साफ शब्दों में कहा कि यदि कुशवाहा समाज को ताकतवर बनना है तो तलवार और शिक्षा से प्यार भी करना पडेगा , क्योंकि तलवार शक्ति का प्रतीक है और शिक्षा से विकास के द्वार खुलते हैं। उन्होंने सहकारिता से समृद्धि की बात करते हुए कहा कि देश में ऐसे तमाम उद्योगपति हैं। उत्पादन के नाम पर न शाकभाजी होता है और न ही गेंहू, चावल, लेकिन वो लोग प्रत्येक आम जरूरत के सामान की ब्रेंडिंग करके  करोड़ों अरबों का व्यापार कर रहे हैं। जबकि कुशवाहा तो जन्म से जमीनों का मालिक और खेतों में भारी उत्पादन कर रहा है। उन्होंने देश, विदेशों में व्यापार करके मोटा पैसा पैदा करने वाले और बड़े बड़े उद्योगपतियों का मार्ग दर्शन करने वाले कुछ कुशवाहा, शाक्य, मौर्य समाज के ऊर्जावान लोगों को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा की सदस्यता ग्रहण कराते हुए समाज के हर व्यक्ति को उन्हीं से प्रशिक्षण दिलाने और आर्थिक रूप समृद्ध करने का भरोसा दिलाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष महतो ने नारी सशक्तिकरण की बात करते हुए स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा में भी महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी रहेगी। उन्होंने बताया कि कल 25 जुलाई को कानपुर के एक तीन सितारा होटल में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा की सम्पन्न हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में देश की महिलाओं को भी सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए भाजपा से महमूदाबाद की विधायक श्रीमती आशा मौर्य को महिला सभा का    राष्ट्रीय संयोजक बनाते हुए महासभा से जुड़ीं करीब एक दर्जन से अधिक महिलाओं का संयोजक मण्डल का सदस्य बनाया है। महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लोकमान कुशवाहा ने जहाँ देश में सदस्यता अभियान चलाने पर जोर दिया तो वहीं राष्ट्रीय मुख्य महासचिव विनोद कुशवंशी ने महासभा की युवा, महिला, किसान व्यापार सभा जैसी 28 विंगों में समाज सेवा करने वाले संगठन के पदाधिकारियों को अनुशासन में कार्य करने पर बल दिया। इस अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों से आए सांसद, विधायक, पूर्व मंत्रियों ने भी समाज की ताकत को अपनी असल ताकत बताया।  जिनमें बिहार सरकार के पूर्व गृहमंत्री बसावन भगत, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री, विधायक रामप्रसाद कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुशवाहा, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अनंजय महता, केतकी कुशवाहा, ममता कुशवाहा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ज्ञानेश्वर कुशवाहा, हेमलता कुशवाहा आदि ने विचार व्यक्त किए। कार्यसमिति बैठक में जहाँ समाज की एकता, समृद्धि और महिला सशक्तिकरण पर बल दिया गया। कार्यक्रम में झांसी जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह कुशवाहा, के साथ तमाम लोग शामिल हुए। संचालन प्रदेश महासचिव विजय कुमार कुशवाहा ने एवं आभार प्रदेशाध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक दिनेश सिंह कुशवाहा ने व्यक्त किया।

Comments

Popular posts from this blog

दलित सफाई कर्मचारी संगठनों को नहीं मिला निमंत्रण, सरकार पर भेदभाव का आरोप

आठवें वेतन आयोग की बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा पर भड़का आक्रोश सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी मनोज कुमार मौर्य   आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्म...

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...