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जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश पर पुनर्विचार की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा

अयोध्या से रवि मौर्य 

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट संजीव कुमार उपाध्याय को सौंपा। यह ज्ञापन पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ एवं निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव के नेतृत्व में दिया गया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कचहरी गेट संख्या-1 पर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर तक रोक-टोक की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में मांग की गई कि जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। यदि संस्थान में कोई तकनीकी अथवा वैधानिक कमी है तो उसे दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाए। साथ ही छात्रों की पढ़ाई, परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित न होने देने की व्यवस्था की जाए।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के विरुद्ध ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई से पहले सभी वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संशोधित मानचित्र की स्वीकृति, नियमितीकरण, कंपाउंडिंग अथवा अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से भी समाधान निकाला जा सकता है। ऐसी कार्रवाई से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र एवं उनके अभिभावक चिंतित हैं।

निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का रवैया निराशाजनक है।

सपा प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि ज्ञापन कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से हामिद जाफर मीसम, राम अचल यादव, श्रीचंद यादव, शादाब खान, मंसूर इलाही एडवोकेट, फरीद कुरैशी, अपर्णा जायसवाल, अमृत राजपाल, राम करन यादव एडवोकेट, शावेज़ जाफरी एडवोकेट, विशाल पाल पार्षद सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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