लखनऊ में कवि गोष्ठी का हुआ भव्य आयोजन, कवियों ने अपने काव्यपाठ से बांधा समां
सुजाता मौर्या
लखनऊ l राष्ट्रीय कवि संगम लखनऊ उत्तर इकाई के तत्वावधान में पावस कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कविगोष्ठी की अध्यक्षता कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने की। भारतीय स्टेट बैंक कालोनी जानकीपुरम में आयोजित इस पावस कवि गोष्ठी का संचालन बरेली से पधारे कवि संगम के रूहेल खंड के संयोजक हास्य-व्यंग्य कवि रोहित राकेश ने किया। गया विहार की कवयित्री नीतू गुप्ता गयावी द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से कवि गोष्ठी का प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि कवि संगम के पूर्वी उत्तर-प्रदेश क्षेत्र अध्यक्ष शिवकुमार व्यास ने अपने संबोधन में कहा कविता राष्ट्र जागरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने काव्यपाठ करते हुए कहा
अगर पुस्तक है कविता की तो मुक्तक छंद भी होंगे।
खिलेंगे पुष्प मधुवन में भ्रमर मकरंद भी होंगे।
व्यर्थ उंगली उठाओ मत मचलते इन युवाओं पर,
इन्हीं में गांधी भी होंगे विवेकानंद भी होंगे।।
अध्यक्षता कर रहे कमलेश मौर्य मृदु ने बरसे बगैर आवाजाही लगाने वाले बादलों को इंगित करते हुए कहा
आवति हैं कबहूं दल के दल आशा की ज्योति जगावति बादल।
सूखति ताल तलैया कछारन का "मृदु"धीर बँधावति बादल।
मानौ चुनावी आश्वासन के जस झूठइ मूठ बकावति बादल।
वइसेइ जरीपरी है धरती ई जरे पर लोनु लगावति बादल।।
श्रृंगार की कवयित्री नीतू गुप्ता गयावी ने अपने मन की पीड़ा को कुछ इस तरह व्यक्त किया
बातों बातों में मुस्काना छोड़ दिया । उसकी गली में आना जाना छोड़ दिया ।
एक झलक पाने की उसकी चाहत में,
छत पर घंटों बाल सुखाना छोड़ दिया।।
संचालन कर रहे रोहित राकेश ने बादल को उलाहना देते हुए कहा
ऐ बादल मेरे आगे तेरी औकात क्या है।
मेरी प्रेमिका से लिपटकर रोया ये खुराफात क्या है,
सफाई दे रहा तू मुझको के ऐसा नहीं है,
तो ये बता कम्बख्त आखिर यह बरसात क्या है।। वरिष्ठ कवि लखीमपुर खीरी से पधारे डा. शिव शर्मा विरक्त ने बहुत ही सारगर्भित रचना पढ़ी
खिलते नित फूल सदा वन में
कुछ का खिलना, कुछ और ही है
मिलते सब ही सब से जग में
कुछ का मिलना, कुछ और ही है
हंसते अधराधर हैं सब के,
कुछ का हंसना, कुछ और ही है
उर दर्द बना रहता सब में,
मुझमें जो बना कुछ और ही है
संस्कार भारती अवधप्रांत के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने सभी का स्वागत किया तथा आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मधुमेह सहित अनेक टिपिकल और क्रिटिकल बीमारियों का आयुर्वेदिक उपचार कर उन्हें निर्मूल करने वाले लाइफ लाइन चिकित्सालय बरेली के प्रसिद्ध युवा चिकित्सक डा.अमन रस्तोगी, बरेली के ही साहित्यानुरागी नीतेश रस्तोगी व विशिष्ट अतिथि अवकाश प्राप्त तहसीलदार राजाराम मौर्य की उपस्थिति उल्लेखनीय है।
राष्ट्रीय कवि संगम की काव्य संध्या में कविता के माध्यम से राष्ट्र जागरण का संदेश

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