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उड़िया कालाबाजारी को लेकर भारतीय किसान यूनियन व खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्य विकास अधिकारी ने की बैठक

रिपोर्ट ब्यूरो रवि मौर्य 

अयोध्या। यूरिया की कालाबाजारी,टैगिग,उपलब्धता के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में खाद कंपनियों के प्रतिनिधि,थोक विक्रेताओं,फुटकर विक्रेताओं तथा भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक विकास भवन में संपन्न हुई बैठक में सभी पक्षों की समस्याओं को सुनकर मुख्य विकास अधिकारी ने 266.50 पैसे प्रतिबोरी की दर से किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

   किसानों का पक्ष रखते हुए भारतीय किसान यूनियन की राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि थोक विक्रेताओं द्वारा फुटकर विक्रेताओं को महंगे दामों पर टैगिग सहित खाद बेचने के कारण फुटकर विक्रेताओं द्वारा किसानों को महंगे दर पर टैगिंग सहित यूरिया बेची जा रही है जो किसी भी दशा में उचित नहीं है। 249.50 पैसे प्रति बोरी की दर से साधन सहकारी समितियां तक खाद पहुंचाई जाती है इसी दर से फुटकर दुकानों पर भी खाद पहुंचाई जाए।

    फुटकर विक्रेताओं द्वारा भी स्पष्ट किया गया कि थोक विक्रेताओं द्वारा फुटकर विक्रेताओं को 255 रुपए प्रतिबोरी की दर से यूरिया खाद बेची जा रही है फुटकर दुकानों तक यूरिया खाद पहुंचाने के लिए  ₹15 से ₹20 प्रतिबोरी भाड़ा और ₹6 प्रतिबोरी पल्लेदारी पड़ती है।₹280 प्रतिबोरी से कम दर पर यूरिया नहीं बेची जा सकती।

    खाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि 241 से 243 रुपए प्रति बोरी के दर से को विक्रेताओं तक खाद पहुंचाई जाती है और 250 रुपए का बिलिंग किया जाता है। 

   भाकियू महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि कुछ कंपनियों की द्वारा ₹230.35 पैसे में थोक विक्रेताओं को मिलती है यदि थोक विक्रेता फुटकर विक्रेताओं को 240 से 250 रुपए प्रति बोरी में बिक्री करें तो व्यवस्था सुधारी जा सकती है। घनश्याम वर्मा ने सलाह दिया कि रेलवे ट्रैक पॉइंट से फुटकर विक्रेताओं को सस्ते में यूरिया बेची जा सकती है, और यदि फुटकर विक्रेताओं को इकट्ठे 400 बोरी प्रति दुकानदार की दर से यूरिया दी जाए तो फुटकर विक्रेताओं का भाड़ा भी कम हो सकता है।

   फिलहाल मुख्य विकास अधिकारी ने घोषणा किया कि किसी भी दशा में 266 रुपए 50 पैसे के ऊपर यूरिया खाद नहीं बेची जाएगी और यूरिया खाद के साथ किसी वस्तु की टैगिंग नहीं की जाएगी।

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