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राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन विस्तार और सामाजिक न्याय का लिया गया संकल्प


मोतीलाल शास्त्री राष्ट्रीय अध्यक्ष, अगमस्वरूप कुशवाहा मुख्य महासचिव और गोपाल सिंह कुशवाहा संसदीय बोर्ड अध्यक्ष निर्वाचित

मनोज कुमार मौर्य

लखनऊ । राष्ट्रीय समानता दल का राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को एम.के. अपार्टमेंट, ए.पी. सेन रोड, चारबाग स्थित सभागार में आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने, आर्थिक प्रजातंत्र स्थापित करने तथा व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

अधिवेशन में मोतीलाल शास्त्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष, अगमस्वरूप कुशवाहा को राष्ट्रीय मुख्य महासचिव तथा गोपाल सिंह कुशवाहा को संसदीय बोर्ड अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया। इस दौरान “सामाजिक न्याय का भारत बनाने” का संकल्प प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक लोकतंत्र के साथ आर्थिक लोकतंत्र और सामाजिक बराबरी सुनिश्चित किए बिना वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना संभव नहीं है। पार्टी ने सामाजिक, आर्थिक , शैक्षणिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने तथा वंचित वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल शास्त्री ने कहा कि राष्ट्रीय समानता दल केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी आज भी आर्थिक असमानता और सामाजिक भेदभाव का सामना कर रही है। ऐसी व्यवस्था में बदलाव के लिए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और आर्थिक प्रजातंत्र को राजनीतिक एजेंडा बनाया जाएगा।

राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अगमस्वरूप कुशवाहा ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल चुनावी नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय समानता दल की मूल राजनीतिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, संसाधनों और सत्ता में वंचित एवं पिछड़े समाज की न्यायपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी व्यापक जनअभियान चलाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन विस्तार और जनसंवाद को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

संसदीय बोर्ड अध्यक्ष गोपाल सिंह कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब देश के अंतिम व्यक्ति को निर्णय प्रक्रिया में सम्मानजनक भागीदारी मिले। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समानता दल आर्थिक प्रजातंत्र, सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के सवालों को मजबूती से उठाएगा तथा आगामी राजनीतिक संघर्ष में जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखेगा।

अधिवेशन के अंत में कार्यकर्ताओं ने “सामाजिक न्याय का भारत बनाएंगे” के संकल्प के साथ व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को मजबूत करने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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