Skip to main content

जिलाधिकारी ने मोबाइल लाइब्रेरी वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

8 सितंबर को होगा जिले में ‘रीड-ए-थॉन’ का आयोजन

ब्यूरो रिपोर्ट रवि मौर्य 

अयोध्या। समग्र शिक्षा एवं रूम टू रीड संस्था के द्वारा बच्चों में पढ़ने की रुचि एवं पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी' थीम पर रीडिंग कैंपेन का आयोजन 15 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पढ़ने को केवल शब्दों के उच्चारण एवं प्रवाह तक सीमित न रखते हुए बच्चों को पढ़ी गई सामग्री को समझने, उस पर विचार करने, प्रश्न पूछने तथा अपने विचार और अनुभव व्यक्त करने के अवसर प्रदान करना है।

अभियान के तहत 2 सितंबर 2026 को मोबाइल लाइब्रेरी वैन का शुभारंभ जिलाधिकारी  शशांक त्रिपाठी एवं  उप जिलाधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चन्द्र द्वारा किया गया। इसके पश्चात ब्लॉक स्तर के विद्यालयों एवं समुदाय में बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने और नियमित पठन की आदत विकसित करने के लिए विभिन्न पठन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को कहानी पढ़ने, उस पर चर्चा करने, प्रश्न पूछने तथा अपनी प्रतिक्रिया और विचार व्यक्त करने के अवसर दिए जाएंगे।


8 सितंबर 2026 को  जिले में ‘रीड-ए-थॉन’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बच्चे सामूहिक रूप से पठन, चिंतन एवं अभिव्यक्ति की गतिविधियों में प्रतिभाग करेंगे। अभियान में बच्चों के साथ-साथ शिक्षक, अभिभावक एवं समुदाय के सदस्यों की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि विद्यालयों के साथ-साथ समुदाय में भी पठन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित हो सके।

रीडिंग कैंपेन के माध्यम से बच्चों को उनकी परिचित भाषा एवं अनुभवों से जुड़ी पुस्तकों और कहानियों के साथ सीखने का अवसर देते हुए उन्हें पढ़ने, समझने, सोचने, प्रश्न करने और अपनी बात व्यक्त करने वाला सक्रिय एवं आत्मविश्वासी पाठक बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह पहल बच्चों में समझ, कल्पना एवं अभिव्यक्ति को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यालय और समुदाय में सतत एवं आनंददायक पठन संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर समस्त खंड शिक्षा अधिकारी एवं रुम टू रीड संस्था से धीरेंद्र मिश्रा, सौरभ सिंह परिहार, मोनिका सिंह एवं नवीन उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

दलित सफाई कर्मचारी संगठनों को नहीं मिला निमंत्रण, सरकार पर भेदभाव का आरोप

आठवें वेतन आयोग की बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा पर भड़का आक्रोश सफाई कर्मचारियों की समस्याएं वेतन आयोग तक पहुंचने से रोकने का आरोप, नेताओं ने जताई नाराजगी मनोज कुमार मौर्य   आगरा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सफाई कर्मचारियों के पाॅव धोकर उनके कार्य और परिश्रम को नमन करते हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार की नौकर शाही उत्तर प्रदेश के सफाई कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा करके उन्हें हतोत्साहित कर रही है। यह स्थिति असहनीय है। यह बात उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में कही है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के विशेष सचिव पुष्प राज ने उत्तर प्रदेश शासन वित्त ( वेतन आयोग) अनुभाग-2 संख्या- वे आ०-2-387/ दस- 2026 लखनऊ: 08 जून 2026 के द्वारा शासनादेश जारी करते हुए दिनांक 22-23 जून 2026 को लखनऊ में आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग के सदस्य की होने बाली बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के अलग अलग विभागों के 24 कर्म...

रविंद्र प्रताप सिंह (रवि): वो शख्स जिसने मृत्यु के सन्नाटे में मानवता की आवाज़ बनकर 3800 शवों को दिया सम्मान

शमशान बना आशियाना, मोह माया से मुक्त मृत शरीरों में दिखा भगवान - रवि सिंह संवाददाता, लखनऊ l जब दुनिया ने अपने दरवाज़े बंद कर लिए थे, अपनों ने भी अपनों से मुँह फेर लिया था, अस्पतालों में साँसे रुक रही थीं और शमशान घाटों में चिताएं लगातार जल रही थीं — उस भयावह मंजर में एक चेहरा ऐसा भी था, जो लोगों को जीवन में नहीं परंतु मृत्यु के बाद सम्मान दे रहा था। नाम है रविंद्र प्रताप सिंह उर्फ रवि, जो न सिर्फ एक कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि मानवता के सबसे कठिन इम्तहान में खरे उतरने वाले सच्चे योद्धा हैं। शमशान घाट बना तपोस्थली साल 2021, अप्रैल का महीना... लखनऊ का बैकुंठ धाम शवदाह गृह देश के सबसे व्यस्त शमशान घाटों में बदल चुका था। चिताओं की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। उस दौरान जब अधिकांश कर्मचारी भय से दूर हो गए, रवि ने पीछे नहीं देखा। उन्होंने 8 अप्रैल से 8 जून 2021 तक दो माह तक शमशान में ही रहकर — 3800 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया। यह सिर्फ आँकड़ा नहीं, हर एक शरीर के पीछे एक टूटता हुआ परिवार, एक आखिरी विदाई की पीड़ा, और रवि जैसे एक संवेदनशील हाथों की गरिमा थी। उनका कहना है — “मैंने मृत शरी...

नगर निकायों में कर्मचारियों से उच्च पद का कार्य लेना बंद होगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों से उनके मूल पद से उच्च पद का कार्य लेने की प्रथा पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब किसी भी नगर निकाय में कार्यरत कर्मचारी से उसके मूलपद से अधिक जिम्मेदारी वाला कार्य नहीं लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री कार्यालय को ऑनलाइन संदर्भ संख्या 60000180127355 के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह उजागर किया गया था कि प्रदेश के कई नगर निकायों में कर्मचारियों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों से अधिक काम लिया जा रहा है।  इस मामले पर 19 दिसंबर 2018 को संज्ञान लिया गया था, लेकिन अब इसे लेकर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निकाय निदेशालय, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ की ओर से यह निर्देश प्रदेश के समस्त नगर आयुक्तों, जलकल विभाग के महाप्रबंधकों, डिविजनल जल संस्थानों के प्रमुखों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कर्मचारी से उसके मूलपद से ऊपर के स्तर का कार्य लेना नि...