गेहूं के दामों में वृद्धि ऊंट के मुंह का जीरा के समान प्रदेश सरकार₹100 प्रति कुंतल बोनस दे- घनश्याम वर्मा
ब्यूरो रिपोर्ट रवि मौर्य
अयोध्या। भारत सरकार द्वारा कुछ फसलों के दामों में वृद्धि की गई है जिसमें उत्तर प्रदेश की प्रमुख फसल गेहूं भी शामिल है गेहूं की कीमत मात्र ₹25 की बढ़ोतरी की गई है जो कि ऊट के मुंह का जीरा के समान है। गेहूं मूल्य वृद्धि पर असहमति/ नाराजगी व्यक्त करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि गेहूं पैदा करने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है खाद, बीज,दवा,डीजल, जुताई-बुवाई, मजदूरी तथा नीलगाय व छुट्टा जानवरों से रखवाली का खर्चा बढ़ता जा रहा है जिसके कारण गेहूं पैदा करने की लागत काफी बड़ी है लागत बढ़ने के सापेक्ष मात्र ₹25 प्रति कुंतल गेहूं की कीमत बढ़ाया जाना बहुत ही कम है जो ऊंट के मुंह का जीरा के समान है घनश्याम वर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि C2+50 के आधार पर गेहूं का दाम घोषित किया जाए और प्रदेश सरकार से मांग किया है कि यदि केंद्र सरकार गेहूं की कीमत में और वृद्धि नहीं करती है तो प्रदेश सरकार गेहूं पर कम से कम ₹100 प्रति कुंतल बोनस देने की घोषणा करें।

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